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जनन्याय के लिए छह महीनों का संघर्ष

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आर्य सिन्हा उर्फ सन्नी की प्रशासनिक यात्रा समाज में न्याय और अधिकारों की रक्षा केवल शब्दों से नहीं होती, बल्कि इसके लिए निरंतर प्रयास, धैर्य और साहस की आवश्यकता होती है। इसी भावना के साथ आदित्य आर्य सिन्हा उर्फ सन्नी ने पिछले लगभग छह महीनों तक प्रशासनिक स्तर पर एक लंबा संघर्ष किया, जिसका उद्देश्य केवल व्यक्तिगत अधिकार की रक्षा नहीं बल्कि व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना था। इस संघर्ष की शुरुआत तब हुई जब संबंधित भूमि पर अतिक्रमण और प्रशासनिक स्तर पर स्पष्टता की आवश्यकता महसूस हुई। इसके बाद आदित्य आर्य सिन्हा ने विधिसम्मत मार्ग अपनाते हुए क्रमबद्ध रूप से विभिन्न सरकारी विभागों में आवेदन और शिकायतें प्रस्तुत कीं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से लेकर राज्य स्तर तक अपनी बात पहुँचाई। इस प्रक्रिया में जिलाधिकारी, राजस्व विभाग, तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच और सीमांकन (नापी/नवी) की मांग की गई। जब प्रारंभिक स्तर पर अपेक्षित गति नहीं मिली, तब आदित्य आर्य सिन्हा ने मामले को और गंभीरता से उठाते हुए सेवा में श्रीमान अपर मुख्य सचिव, बिहार सरक...

(chronological biography) सर्वसाधारण बिहार सरकार भूमि से अतिक्रमण हटाने के न्याय के लिए संघर्ष : एक प्रशासनिक यात्रा

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चरण 1 : प्रशासन को प्रथम आवेदन सबसे पहले संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को आवेदन देकर अतिक्रमण की जानकारी दी गई और निवेदन किया गया कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर भूमि का सत्यापन किया जाए तथा अवैध कब्जा हटाया जाए। इस प्रक्रिया में भूमि से संबंधित सभी विवरण— मौजा थाना संख्या खाता संख्या खेसरा संख्या रकवा —स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किए गए। चरण 2 : (chronological biography) उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई में विलंब होने के कारण प्रकरण को राज्य स्तर तक पहुँचाया गया। इसके अंतर्गत क्रमशः शिकायत प्रस्तुत की गई— अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, बिहार सरकार अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार जिला पदाधिकारी (DM) इन शिकायतों में यह स्पष्ट किया गया कि भूमि पर अवैध अतिक्रमण है तथा राजस्व अभिलेखों के अनुसार उसका सीमांकन और अतिक्रमण निष्पादन आवश्यक है। चरण 3 : भूमि सीमांकन (नापी / नवी) हेतु आवेदन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को स्पष्ट और कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए भूमि की सरकारी नापी (नवी / सीमांकन) कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए संबंधित राजस्व...

दिनांक:-4-5/01/2026 को पुरानानकर बलहा घाट – गोढ़ियारी घाट पुल निर्माण हेतु संयुक्त आभार एवं पुनः आग्रह

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पुरानानकर बलहा घाट – गोढ़ियारी घाट पुल निर्माण हेतु संयुक्त आभार एवं पुनः आग्रह ग्राम पंचायत राज लदौर अंतर्गत पुरानानकर बलहा घाट से गोढ़ियारी घाट पुल निर्माण की ऐतिहासिक जनमांग को लेकर वार्ड सदस्य श्री सोनू मंडल एवं ग्राम पंचायत की मुखिया श्रीमती सविता कुमारी जी द्वारा माननीय विधायक गायघाट विधानसभा को भेजी गई अनुशंसा अत्यंत सराहनीय एवं जनहितकारी पहल है। इसके लिए दोनों जनप्रतिनिधियों का ग्रामवासियों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया जाता है। यह सामाजिक मांग पत्र दिनांक 28.01.2026 को मुख्य आवेदनकर्ता आदित्य आर्य सिन्हा उर्फ सन्नी द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसे भाजपा समर्थित ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन प्राप्त है। इस जनआंदोलन में सुधीर प्रसाद सिन्हा, रवीभूषण सिंह उर्फ पुना जी, चन्दन कुमार सिंह, पंकज कुमार राजा, दीपक कुमार सिंह, दीपक कुमार झा पुर्व मुखिया-लदौर, दरवेशर ठाकुर, नवलकिशोर सिंह, सुनील कुमार सिंह, रामप्रवेश सिंह, शिवसागर ठाकुर, कुन्दन कुमार सिंह,असेश्वर मंडल सहित अन्य समर्थित ग्रामीणों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है — सभी का सामूहिक धन्यवाद। साथ ही अनुशंस...

दिनांक:- 28/01/2026 को बलहा घाट - गोढ़ियारी घाट पुल निर्माण : जनआंदोलन, जनअनुशंसा एवं संघर्ष की ऐतिहासिक पहल

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(भविष्य संदर्भ हेतु अभिलेखीकरण) गायघाट प्रखंड अंतर्गत पुरानानकार/बलहा घाट से गोड़ियारी घाट तक लगभग 200 मीटर लंबा स्थायी पुल निर्माण केवल एक विकास योजना नहीं, बल्कि हजारों ग्रामीणों के जीवन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। विगत कई दशकों से इस क्षेत्र की माताएं, बहनें, बच्चे, बुजुर्ग एवं किसान नदी पार करने को विवश हैं। बरसात के समय पूरा गांव टापू बन जाता है। गर्भवती महिलाएं जान जोखिम में डालकर पार करती हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुँच पाते तथा किसान अपनी उपज मंडी तक नहीं ले जा पाते। यह पीड़ा आज की नहीं — पीढ़ियों से चली आ रही है। जनभावना को स्वर देने वाला नेतृत्व इस जनहित मांग का मुख्य आवेदनकर्ता — आदित्य आर्य सिन्हा उर्फ सनी जी (सामाजिक कार्यकर्ता, ग्राम पंचायत राज–लदौर) ने पूरे साहस और निरंतर संघर्ष के साथ इस विषय को जनआंदोलन का रूप दिया। यह केवल एक हस्ताक्षर नहीं, बल्कि गांव–गांव जाकर लोगों की पीड़ा सुनना, दस्तावेज जुटाना, जनप्रतिनिधियों तक आवाज पहुँचाना और लगातार प्रशासनिक फॉलोअप करना — यह उनकी सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने इस मांग को ...

विद्यालय परिसर की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण – दस्तावेजी एवं प्रशासनिक विवरण (भविष्य संदर्भ हेतु) इतिहास Part :-1

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यह सूचित किया जाता है कि मौजा–थरमा, राजस्व थाना संख्या–279, अंचल कार्यालय–गायघाट, जिला–मुजफ्फरपुर अंतर्गत विद्यालय परिसर की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध मेरे द्वारा निरंतर प्रशासनिक एवं विधिक प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में निम्न महत्वपूर्ण तथ्य एवं अभिलेख संलग्न पीडीएफ के माध्यम से सार्वजनिक किए जा रहे हैं— 1. प्लॉट संख्या–1196 का भूमि इतिहास प्लॉट संख्या–1196 पूर्व में गैर-मजरूआ बिहार सरकार के अंतर्गत खतियान में दर्ज था। बाद में उक्त भूमि पर बिना विधिवत जमाबंदी कायम किए हुए हरिवल्लभ लाल (पिता–अनंत बिहारी लाल कर्ण) के नाम प्रविष्टि पाई गई। उक्त जमाबंदी रैयत हरिवल्लभ लाल द्वारा दिनांक 13/09/2023 को उक्त भूमि को राज्यपाल बिहार सरकार वास्ते मध्य विद्यालय पूरानानकार के नाम दान कर दिया गया। दान पत्र दस्तावेज संख्या : 1857 2. प्लॉट संख्या–1197, 1198 एवं 1200 का तथ्यात्मक विवरण प्लॉट संख्या–1197 एवं 1198 : पुस्तकालय प्रयोजन प्लॉट संख्या–1200 : विद्यालय प्रयोजन उक्त तीनों प्लॉट वर्तमान में “कुलदीप–नारायण स्कूल” के नाम से खतियान में दर्ज हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि ...