विद्यालय परिसर की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण – दस्तावेजी एवं प्रशासनिक विवरण (भविष्य संदर्भ हेतु) इतिहास Part :-1

यह सूचित किया जाता है कि मौजा–थरमा, राजस्व थाना संख्या–279, अंचल कार्यालय–गायघाट, जिला–मुजफ्फरपुर अंतर्गत विद्यालय परिसर की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध मेरे द्वारा निरंतर प्रशासनिक एवं विधिक प्रयास किया जा रहा है। इस क्रम में निम्न महत्वपूर्ण तथ्य एवं अभिलेख संलग्न पीडीएफ के माध्यम से सार्वजनिक किए जा रहे हैं— 1. प्लॉट संख्या–1196 का भूमि इतिहास प्लॉट संख्या–1196 पूर्व में गैर-मजरूआ बिहार सरकार के अंतर्गत खतियान में दर्ज था। बाद में उक्त भूमि पर बिना विधिवत जमाबंदी कायम किए हुए हरिवल्लभ लाल (पिता–अनंत बिहारी लाल कर्ण) के नाम प्रविष्टि पाई गई। उक्त जमाबंदी रैयत हरिवल्लभ लाल द्वारा दिनांक 13/09/2023 को उक्त भूमि को राज्यपाल बिहार सरकार वास्ते मध्य विद्यालय पूरानानकार के नाम दान कर दिया गया। दान पत्र दस्तावेज संख्या : 1857 2. प्लॉट संख्या–1197, 1198 एवं 1200 का तथ्यात्मक विवरण प्लॉट संख्या–1197 एवं 1198 : पुस्तकालय प्रयोजन प्लॉट संख्या–1200 : विद्यालय प्रयोजन उक्त तीनों प्लॉट वर्तमान में “कुलदीप–नारायण स्कूल” के नाम से खतियान में दर्ज हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि कुलदीप सिंह एवं श्री नारायण लाल सिंह दो अलग-अलग व्यक्ति हैं, जो आपस में चचेरे भाई हैं। दोनों का नाम गलत रूप से संयुक्त कर खतियान में अंकित कर दिया गया है, जिससे विद्यालय के मूल नाम एवं इतिहास में गंभीर त्रुटि उत्पन्न हो गई है। मैं इस नामांकन त्रुटि को सुधारने तथा विद्यालय का सही ऐतिहासिक नाम अभिलेखों में दर्ज कराने हेतु अलग से विधिक एवं प्रशासनिक संघर्ष कर रहा हूँ। 3. प्रशासनिक कार्रवाई (अतिक्रमण संबंधी) मेरे द्वारा विजय कुमार सिंह (वी. के. सिंह) के नाम से लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर— ✔ राजस्व कर्मचारी द्वारा स्थल जांच रिपोर्ट ✔ अमीन द्वारा विधिवत नापी प्रतिवेदन ✔ अंचल अधिकारी (C.O / साहस) द्वारा आदेश पारित इन सभी दस्तावेजों में विद्यालय परिसर की भूमि पर अतिक्रमण की स्पष्ट पुष्टि की गई है। 4. संघर्ष का पक्ष पूर्व में अतिक्रमण हटाने के प्रयास के दौरान अतिक्रमणकारी सुजिया देवी उर्फ सुधा देवी (पति–स्व. राम प्रताप सहनी) एवं उनकी पुत्रवधू सीमा देवी द्वारा मुझे झूठे मुकदमे में फँसाया गया, किंतु विधिक संघर्ष कर मैंने अपना नाम वाद से हटवाकर मामला समाप्त कराया। आज राजस्व रिपोर्ट, अमीन नापी एवं अंचल अधिकारी के आदेश से यह प्रमाणित हो चुका है कि संबंधित भूमि विद्यालय की सरकारी भूमि है। 5. पीडीएफ में संलग्न साक्ष्य ✔ अतिक्रमण स्थल का फोटो ✔ प्लॉट संख्या–1196 का दान पत्र ✔ पूर्व गैर-मजरूआ खतियान विवरण ✔ राजस्व कर्मचारी रिपोर्ट ✔ अमीन नापी रिपोर्ट ✔ अंचल अधिकारी आदेश ✔ कुलदीप–नारायण नामांकन संबंधी दस्तावेज यह संपूर्ण विवरण भविष्य के प्रशासनिक संदर्भ, सार्वजनिक अभिलेख एवं ऐतिहासिक सत्य संरक्षण हेतु वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है। जब तक विद्यालय की भूमि पूर्ण रूप से अतिक्रमण मुक्त नहीं होती तथा नामांकन की त्रुटि सुधार कर वास्तविक दानदाताओं का सम्मान बहाल नहीं किया जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। — सरकारी भूमि की रक्षा भी जरूरी है, और इतिहास की गलती सुधारना भी।

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